Sunday, 5 April 2020

आओ सब मिलकर दीप जलाये

मानव जाति पर संकट है गहराया
देश आज मुश्किल में है आया
त्याग कर सब स्वार्थ मोह माया
ना रखो किंतु परंतु का ये घेरा
मतभेद सब अपने भुलाके
आओ सब मिलकर दीप जलाये

पल पल आज हम पे है भारी
मन्डरा रहा है काल का अंधेरासा साया
दूर करने के लिये ये बुरी छाया
लडना है साथ लेके जगत ये सारा
अपने स्वत्व को भीतर से जगाये
आओ सब मिलकर दीप जलाये

नियम का सब को है पालन करना
अपनी मनमानी का रसूख ना दिखाना
नाजूक है समय इसका ध्यान तू रखना
अपनी नही अपनो के बारे में तो सोचना
मन में देशभक्ती, मानवता का राग बढाए
आओ सब मिलकर दीप जलाये
--- नितीन खंडारे
रसूख - influence
राग - passion

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